बिहार का प्राचीन इतिहास

बिहार का प्राचीन इतिहास

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  1. वेदों पुराणों महाकाव्य आदि में बिहार का उल्लेख मिलता है 

  2. पूरा पाषाण काल एवं पाषाण कालीन सामग्री मुंगेर से प्राप्त हुए हैं

  3. उत्तर पाषाण काल से संबंधित सामग्री दक्षिणी मुंगेर और चिरांद (  सारण जिला)
    से प्राप्त हुए हैं।

  4. चिरांद सोनपुर राजगीर आंटीवक से काले एवं लाल मृदभांड प्राप्त हुए हैं।

  5. कुम्हारार वैशाली जयमंगलगढ़ नीलागढ़ से छठी शताब्दी ईस्वी पूर्व से दूसरी शताब्दी ईस्वी पूर्व के मध्य इतिहास का साक्ष्य

  6. मौर्यकालीन के महत्वपूर्ण साक्ष्य कुम्हारार है।बराबर एवं नागार्जुनी पहाड़ियों की गुफाओं से मौर्य काल के इतिहास की जानकारी मिली।

  7. कुम्हारार लौरियानंदनगढ़ वैशाली एवं रामापुरवा से अशोक के अभिलेख प्राप्त हुए हैं।

  8. वैशाली से गुप्त काल का मुहर प्राप्त हुआ है जो तत्कालीन प्रशासनिक आर्थिक स्थिति के साक्ष्य  को प्रस्तुत करती है ।

  9. वर्तमान में नालंदा जिला में से सातवीं शताब्दी का मंदिर प्राप्त हुआ है जो तत्कालीन स्थापत्य कला के प्रकट करत है ।

  10. बिहार में स्थित गुप्तकालीन नालंदा विश्वविद्यालय और पाल कालीन विक्रमशिला विश्वविद्यालय की अवशेष अपने अपने समय के इतिहास संबंधी प्रमाणित स्रोत है।

  11. पटना गया मुंगेर से पाल युगीन बौद्ध मूर्तियां प्राप्त हुई है जो तत्कालीन मूर्ति कला के विकास पर प्रकाश डालती है

  12. बिहार से आहत सिक्के पटना पूर्णिया के क्षेत्रों से प्राप्त हुए हैं जो छठी शताब्दी ईस्वी पूर्व से दूसरी शताब्दी ईस्वी पूर्व के मध्य जारी किए गये

  13. कुषाण युग के सिक्के बक्सर से प्राप्त हुए हैं

  14. गुप्त काल के सिक्के हाजीपुर से प्राप्त हुए हैं

  15. बिहार का प्राचीनतम वर्णन अथर्ववेद में मिलता है     

  16. बिहार के क्षेत्रों में आर्यों के विस्तार का वर्णन शतपथ ब्राह्मण में मिलता है

  17. छठी शताब्दी ईस्वी पूर्व से मौर्य वंश तक के इतिहास जानने का स्रोत बौद्ध ग्रंथ है

  18. बिहार के महाजनपदों का उल्लेख ‘अंगुत्तर निकाय’ में मिलता है

  19. कहल्ण  कि ‘राजतरंगिनी’ ‘पतंजलि’ का महाभाष्य विकास दत्त का ‘मुद्राराक्षस’ मेगास्थनीज की इंडिका कौटिल्य का अर्थशास्त्र मौर्यकालीन बिहार के इतिहास जानने के महत्वपूर्ण स्रोत हैं

  20. विदेशी यात्रियों के विवरण जिनसे बिहार के इतिहास पर प्रकाश पड़ता है मुख्य हैं मेगास्थनीज की इंडिका  हेनसांग का यात्रा वृतांत तिब्बती इतिहासकार लामा तारानाथ का रचित सांध्यकर नन्दी द्वारा रचित रामचरित आदि

  21. बिहार के मध्ययुगीन इतिहास जानने के मुख्य स्रोत हैं अबुल फजल अकबरनामा मोहम्मद कासिम कृत आलमगीर नामा बाबर द्वारा रचित तुजुक ए बाबरी जहांगीर द्वारा रचित तुजुक ए जहांगीरी   आदि।

  22. बिहार की विस्तृत जानकारी रामायण महाभारत एवं पुराणों से भी प्राप्त होती है

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